Hastmaithun Karne Se Kya Nuksan Hote Hain?

Hastmaithun Karne Se Kya Nuksan Hote Hain?

हस्तमैथुन करने से क्या नुकसान होते हैं?

हस्तमैथुन किसे कहते हैं?

जैसा कि नाम से ही प्रतीत होता है हस्त यानी हाथ से किया जाने वाला मैथुन यानी कामसुख का अनुभव। इसमें पुरूष या फिर स्त्री अपनी कामेच्छा को शांत करने के लिए जब उनके पास कोई साधन(स्त्री के पास पुरूष और पुरूष के पास कोई स्त्री) उपलब्ध नहीं होता, तो ऐसी दशा में अप्राकृतिक तरीके से हस्त द्वारा लिंग व योनि में घर्षण करके वीर्यपात करवाने की अवस्था को हस्तमैथुन कहा जाता है।
अगर सीधे सरल शब्दों में कहा जाये तो हाथ से अपने गुप्तांग पर घर्षण करके वीर्य को निष्काषित करवाना हस्तमैथुन कहलाता है।
हस्तमैथुन करना कोई गलत या फिर बुरी बात नहीं है अगर ये माह में एक या फिर दो बार किया जाये, क्योंकि हस्तमैथुन करना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जोकि युवावस्था में करना मजबूरी हो जाता है। लेकिन यही अगर माह में दो या तीन से अधिक बार किया जाये तो यह भविष्य में गंभीर समस्या बन सकती है। इसके कारण पुरूष शीघ्रपतन से भी पीड़ित हो सकता है और फिर धीरे-धीरे नपुंसकता के चांसेज भी बढ़ जाते हैं।

हस्तमैथुन के प्रमुख कारण-

1. सबसे पहला और मुख्य कारण जो है, वो यह है कि युवा उम्र में विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण और जिज्ञासा उत्पन्न होना।

2. हर वक्त किसी सुंदर स्त्री के कोमल संवेदनशील अंगों व गुप्तांगों के बारे में ही सोचते रहना। कल्पना में खोये रहना।

3. बुरी संगति, गंदे विचार व अश्लील ख्वाब देखना।

4. अश्लील पोर्न फिल्में देखना, अश्लील बातें करना व सुनना, कामुक वातावरण में रहना।

5. बेट के बल सोने से बिस्तर पर किसी सख्त वस्तू पर गुप्तांग के रगड़ खाने से उत्पन्न होने वाली कामोत्तेना के कारण।

6. अनायास गुप्तांग पर खुजली उत्पन्न होने के कारण खुजलाने से।

7. किसी बला की खूबसूरत स्त्री को अपने सामने ही उत्तेजक वस्त्रों में देखने से।

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8. अधिक मिर्च मसालों वाले आहारों के सेवन से या फिर काम-इच्छा जागृत करने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन करने से।

हस्तमैथुन क्यों नहीं करना चाहिए?

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जवानी की ओर बढ़ रहे कदम अक्सर बहकने लगते हैं। जवां उम्र में विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण पैदा होने लगता है और व्यक्ति अधिक जिज्ञासा जागने पर हस्तमैथुन की ओर अग्रसर हो जाता है। अति हर चीज की बुरी होती है, इसलिए अत्यधिक हस्तमैथुन करने से भी नुकसानदायक परिणाम सामने आ सकते हैं जो इस प्रकार हैं..

1. शिश्न में सूजन और पाचन तंत्र में विकार-

उतावलेपन में तीव्रता से हस्तमैथुन करने के कारण शिश्न की मांसपेशियों में वीर्य से पूर्व निष्कासित होने वाला द्रव्य मांसपेशियों में प्रवाहित हो जाता है और इसी वजह से शिश्न में फुलाव(सूजन) आ जाती है। शिश्न की यह सूजन तब तक यूं ही बनी रहती है, जबतक कि वो द्रव्य पुन‘ रक्त नलिका में प्रविष्ट नहीं हो जाता।
इसके अलावा अत्यधिक और एक दिन में लगातार हस्तमैथुन करने के कारण पाचन तंत्र भी गड़बड़ा जाता है और व्यक्ति दुर्बलता का शिकार भी हो जाता है।

2. शिश्न की मांसपेशियों का टूटना

कई बार होता यह है कि व्यक्ति अत्यधिक उत्तेजना के वशीभूत होकर जब हस्तमैथुन करता है, तब वह अपने शिश्न को बुरी तरह तरोड़ने-मरोड़ने लगता है। इस प्रकार कसकर शिश्न को पकड़ कर टेढ़ा-मेढ़ा करने लगता है कि यह कई बार बहुत नुकसानदायक साबित होता है। इस प्रकार हस्तमैथुन करने से ‘पायरोनी’ नामक रोग भी उत्पन्न हो सकता है। इतना ही नहीं, शिश्न की मांसपेशियां भी टूट सकती हैं। पायरोनी की समस्या होने पर शिश्न में टेढ़ापन आ जाता है।

3. शुक्राणुओं की संख्या कम होना और तृप्ति का अभाव

बार-बार और लगातार हस्तमैथुन की आदत इतनी बुरी होती है कि इससे वीर्य में शुक्राणुओं की कमी हो जाती है। इसका कुप्रभाव यह भी पड़़ता है कि भविष्य में पुरूष के पिता बनने की संभावना भी कम हो जाती है। इसके अतिरिक्त रोजाना हस्तमैथुन करने से स्खलन की अवधि कम होने लगती है और धीरे-धीरे संतुष्टी का अभाव होने लगता है और व्यक्ति शीघ्रपतन का शिकार भी हो जाता है।

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4. घबराहट और खुद के प्रति आत्मग्लानि

हस्तमैथुन की आदत व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी और घबराहट की प्रवृति पैदा कर देता है। व्यक्ति हस्तमैथुन करने के बाद खुद के प्रति ही आत्मग्लानि महसूस करने लगता है कि उसने यह घृणात्मक कर्म क्यों किया? खुद कसम खाता है कि आज के बाद हस्तमैथुन नहीं करेगा, लेकिन खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाता और पुनः हस्तमैथुन करने लगता है।

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5. अवैध संबंध की राह चुनना और साथी से झगड़ा

हस्त द्वारा वीर्य नष्ट करने की आदत व्यक्ति को अवैध संबंध की राह पर चलने को विवश कर देता है। क्योंकि इस प्रकार अप्राकृतिक तरीकों से वीर्य बहाने की आदत में व्यक्ति को परमसुख की अनुभूति होने लगती है। उसकी यौन-पिपासा दिन-प्रतिदिन बढ़ती चली जाती है, जिस कारण केवल अपने पार्टनर के साथ संभोग करने से उसकी यौन पिपासा शांत नहीं हो पाती और वह बाहर मुंह मारने पर विवश हो जाता है। जिसके कारण पति-पत्नी के बीच तकरार होने लगती है और बात कई बार तलाक तक भी पहुंच जाती है। इसलिए हस्तमैथुन करना छोड़ें और अच्छे विचारों व अच्छी संगत को अपनायें। अच्छी सेहत ही असली खजाना है।

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