Jane Kya Hain Hastmaithun Se Hone Wale Nuksan

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जानें क्या हैं हस्तमैथुन से होने वाले नुकसान

हस्तमैथुन(Masturbation)-

हस्तमैथुन कुसंगति से एक घटिया आदत के रूप में रोगी पाल लेता है। बहुत कम ऐसे युवक हो सकते हैं, जो जीवन में कभी भी हस्तमैथुन नहीं करते। लेकिन संसार के अधिकांश युवक ऐसे मिल जायेंगे जो हस्तमैथुन लम्बे समय तक करते रहते हैं। कई बच्चे ऐसे होते हैं जो बचपन से ही हस्तमैथुन करने लगते हैं। कई लड़के 8-10 वर्ष की आयु में ही हस्तमैथुन करने लगते हैं।
कई युवक शादी के बाद हस्तमैथुन की आदत त्याग देते हैं। लेकिन कई ऐसे भी होते हैं, जो शादी के बाद भी हस्तमैथुन का आनंद लेने की बुरी लत में फंसे रहते हैं। स्त्री के साथ मैथुन करने की अपेक्षा हस्तमैथुन करने में उनको अधिक आनंद आता है।

इसी प्रकार स्त्रियां भी अप्राकृतिक वस्तुओं व साधनों का प्रयोग करके हस्तमैथुन का आनंद लेती हैं। इस प्रकार कृत्रिम तरीकों से किया गया हस्तमैथुन अनुचित है, जिसके दूरगामी परिणाम भोगने पड़ते हैं।

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अत्यधिक हस्तमैथुन करने से शिश्न में कई प्रकार के विकार उत्पन्न होने का खतरा रहता है। हस्तमैथुन करने वाला युवक व युवती का स्वास्थ्य खराब रहने लगता है। वे शादी के बाद मैथुन करने में अयोग्य हो जाते हैं। अयोग्य युवका को अपनी पत्नी से ताने तथा अपमान भी सहना पड़ता है। हस्तमैथुन करने वाले युवक-युवतियों को एकांत का अवसर नहीं देना चाहिए। एकांत कमरे में सोने भी नहीं देना चाहिए, ऐसा करने से हस्तमैथुन की आदत छूट जाती है। रोगी युवक-युवती यदि कुसंग में रहते हैं तो उनको कुसंग से बचाना चाहिए।

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हस्तमैथुन की प्रधान चिकित्सा स्वयं रोगी पर निर्भर करती है। रोगी खुद पर नियंत्रण करके हस्तमैथुन की आदत को छोड़ सकता है। औषधियों की अपेक्षा रोगी को खुद पर नियंत्रण करके हस्तमैथुन को छोड़ना लाभदायक है। यदि हर संभव तरीके से रोगी हस्तमैथुन की आदत त्याग न पा रहा हो, तो पीड़ित रोगी को औषधियां देनी चाहिए।

नीचे हस्तमैथुन से होने वाले कुछ नुकसानों के बारे में बताया जा रहा है..

हस्तमैथुन से होने वाले नुकसान –

शिश्न में सूजन आना :

अत्यधिक उत्तेजना के कारण अक्सर व्यक्ति उतावलेपन व हड़बड़ी के चक्कर में आक्रामक तरीके से हस्तमैथुन करने लगता है, जिस वजह से वीर्य से पहले निकलने वाला तरल पानी उसके शिश्न की मासपेशियों में प्रविष्ट हो जाता है। इसका नतीजा यह निकलता है कि व्यक्ति के शिश्न में सूजन आ जाती है और ये सूजन तब तक नहीं जाती, जब तक वह पुनः खून में न समाहित हो जाये।

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शिश्न की मांसपेशियों को नुकसान होना :

कई बार हस्तमैथुन की अति उत्तेजना में व्यक्ति अपने शिश्न को इस कदर मजबूती से हाथों में जकड़ कर घर्षण करने लगता है या फिर तोड़ने-मरोड़ने लगता है कि, जिससे उसके शिश्न की मासपेशियां टूटने का खतरा बना रहता है या फिर टूट भी जाती हैं, जिस कारण हस्तमैथुन के आदि व्यक्ति को पायरोनी नामक रोग भी हो सकता है। इस रोग में रोगी का शिश्न टेढ़ा हो जाता है।

शुक्राणुओं का कम हो जाना :

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बहुत ज्यादा हस्तक्रिया के द्वारा वीर्य निष्कासित करने के आदि पुरूषों के वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बहुत हो कम जाती है।
इसका सबसे घातक कुप्रभाव यह पड़ता है कि जब व्यक्ति का विवाह हो जाता है, तो उसके पश्चात् उसके वीर्य में शुक्राणुओं की अत्यधिक कमी हो जाने के कारण पिता बन पाने के सुख से भी लगभग दूर हो जाता है।

मानसिक चिंता बढ़ जाती है :

काम के वशीभूत होकर व्यक्ति हस्तमैथुन तो कर लेता है, मगर कई बार व्यक्ति की मानसिक दशा ऐसी हो जाती है कि वह ‘हैंडप्रैक्टिस’ करने के बाद आत्मग्लानि महसूस करने लगता है, कि उसने ऐसा घृणित काम क्यों किया? जिससे वह मानसिक रूप से तनाव में रहने लगता है। कभी-कभी यह तनाव इतना ज्यादा बढ़ जाता है, कि व्यक्ति को घबहराट तक होने की शिकायत होने लगती है।

अवैध रिश्ते की डगर पर चल पड़ना :

हस्तक्रिया एक ऐसी आनंदमय प्रक्रिया है कि पुरूष इस दौरान अपनी कामुक दुनियां में ही खोया रहता है। हर वक्त किसी न किसी स्त्री के यौनांगो का चल-चित्र उसके दिलो-दिमाग पर चलता रहता है, जो उसके अंर्तमन पर गहरी छाप छोड़ देता है। जिस कारण उस व्यक्ति की सेक्स के प्रति चाहत दिन-पर-दिन बढ़ती ही चली जाती है। व्यक्ति जितना अधिक हस्तमैथुन करता है, उसकी प्यास उतनी ही अधिक बढ़ती चली जाती है।

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नतीजन ऐसा व्यक्ति पतन की राह पर चल पड़ता है। वह अपनी काम-पिपास को शांत करने के लिए अवैध रिश्तों की डगर पर चलने को मजबूर हो जाता है और फिर उसकी यही मजबूरी एक दिन आदत बन जाती है। इससे जाने-अनजाने वह कई ऐसी गंभीर गलतियां कर बैठता है, जिसके कारण उसे तांउम्र पछताना पड़ता है। कई बार तो व्यक्ति इससे यौन अपराधो में भी सम्मिलित हो जाता है।

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अपने साथी से अनबन होना :

कई बार तो पति-पत्नी या सेक्स के प्रति जज्ञासु स्त्री-पुरूष के बीच बढ़ता आपसी कलह व अनबन होना भी पुरूषों को हस्तमैथुन की राह पर चलने को मजबूर कर देता है।

अब होता यह है कि पार्टनर को छोड़कर अप्राकृतिक तरीके से वीर्य स्खलित करवाने से व्यक्ति को इसी में ज्यादा आनंद प्राप्त होने लगता है, जिस कारण जब ऐसे व्यक्ति अपनी महिला साथी के साथ संभोग करते हैं, तो शीघ्र ही स्खलित हो जाते हैं। यानी वह शीघ्रपतन के शिकार हो जाते हैं, जिस कारण उनकी पत्नी या महिला साथी उनसे रूष्ट रहने लग जाती है और आपसी रिश्तों भी कड़वाहट आ जाती है।?

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