Jane, Hastmaithun Ki Lat Se Hone Wale Nuksaan

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जानें, हस्तमैथुन की लत से होने वाले नुकसान

हस्तमैथुन-

हस्तमैथुन युवाओं में तेजी से फैलता एक प्रचलित दोष है। वैसे तो यह एक नाॅमर्ल क्रिया है, जोकि स्वाभाविक है। लेकिन अगर इसकी अति हो जाये, तो यह दोष की श्रेणी में आ जाता है, जोकि गंभीर समस्या का कारण बन सकता है। अति तो कहते हैं कि हर चीज की बुरी ही होती है।

शुरूआत में युवाजन बुरी संगति या फिर कोई अश्लील वीडियो, दृश्य या अश्लील साहित्य के प्रभाव में आकर शौकिया तौर पर हस्तमैथुन करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इसमें इतने असीम आनंद की अनुभूति होने लगती है, जिस कारण कभी-कभी किया जाने वाला हस्तमैथुन उनकी दैनिक क्रिया का हिस्सा बन जाता है। नियमित रूप से दिन में 2 से 3 बार हस्तमैथुन करना उनकी लत में शामिल हो जाता है।

कई युवा जो अपनी शारीरिकर और मानसिक हानि को ध्यान में रखते हुए इस लत(हस्तमैथुन) से छुटकारा पाना चाहते हैं, तब तो उनके लिए बेहतर है। मगर जो युवा ऐसे हैं, जिनका मानना है कि हस्तमैथुन से बड़ा सुख कोई नहीं या फिर कोई ऐसी मानसिक वाले भी लोग हैं, जो सोचते हैं कि ‘हस्तमैथुन ही तो कर रहे हैं, किसी का बलात्कार तो नहीं कर रहे।’
उनके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि माना कि वह किसी अन्य के साथ कुकर्म या बलात्कार नहीं कर रहे है, परन्तु अपनी सेक्स लाईफ का जरूर बलात्कार कर रहे हैं, जोकि भविष्य में आगे चलकर उनके वैवाहिक जीवन में दुष्प्रभाव डाल सकता है।
तो आइए जानते हैं हस्तमैथुन की लत से होने वाले नुकसान क्या हैं?

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हस्तमैथुन की लत और नुकसान-

1. अत्यधिक शारीरिक कमजोरी :

अत्यधिम मात्रा में हस्तमैथुन करने से शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। ऐसा लगता है आधी जान निकल गई। थकान महसूस होने लगती है। मन करता है कुछ ऐसा एनर्जिटिक खायें, जिससे फौरन ताकत महसूस हो।

आपको यह बात अच्छी तरह समझ लेनी होगी कि अगर आपको सेहतमंद बने रहना है और दुर्बलता का शिकार नहीं होना, तो आपको आज से ही अपनी इस लत को बंद करना होगा। ऐसा नहीं कर सकते, तो बहुत कम कर दे Hand Practice करना।

अन्यथा आपको एक समय ऐसे दौर का भी सामना करना पड़ सकता है, जहां आप अपनी सेहत से तो हाथ धो ही बैठोगे, साथ ही आपके रिश्तों में भी इसका बहुत गहरा प्रभाव दिखाई देगा, जो नुकसानदायी हो सकता है।

2. खुद से ही शर्मिन्दा होना :

हम उत्तेजित होकर या कामुकता के वशीभूत होकर Hand Practice तो कर लेते हैं, मगर बाद में शीतल होने के बाद कहीं न कहीं हम खुद से ही शर्मिंदा होने लगते हैं कि यह बुरा कार्य हमने क्यों किया..? क्या हम इतने कमजोर हैं कि जरा सी उत्तेजना को भी काबू में ना रख सके और इसे इतना विकराल बना दिया कि अपना नियंत्रण खोकर हम हस्तक्रिया करने लगे।

अपनी खुद की नजरों में शर्मिन्दा होने का मतलब है, अपना आत्मविश्वास खोना, जोकि एक व्यक्ति के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। अगर व्यक्ति में आत्मविश्वास ही खत्म होने लगे, तो अपने जीवन में क्या कुछ आगे कर पायेगा और किस तरह कर पायेगा। हमारे अंदर की शक्ति ही हमें मजबूत बनाती है। जिस इंसान के अंदर जितनी अच्छी आदते होंगी, वह इन्सान उतना ही मजबूत होगा।

3. शिश्न में सूजन आ जाना :

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उत्सुकतावश या फिर जल्दबाजी केे चक्कर में बहुत से लोग होते हैं, तो अत्यधिक तीव्र गति से हस्तक्रिया करने लगते हैं। इसी वजह से उनके वीर्य के पहले निकलने वाला तरल उनके शिश्न की मासपेशियों में चला जाता है। परिणामस्वरूप ऐसे व्यक्तियों के शिश्न में सूजन आने लगती है और यह सूजन तब तक बनी रहती है, जब तक वह तरल वापस खून में न मिल जाये।

अगर यही समस्या लगातार या बार-बार पेश आने से यह गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकती है। इससे बचने का एक ही सरल उपाय यह है कि अभी और आज से ही इस हस्तक्रिया की लत को बाय-बाय कह दें।

न बुरी आदत होगी और न ही किसी गंभीर समस्या के पैदा होने का प्रश्न ही नहीं उठेगा।

4. शिश्न की मांसपेशियों का टूट जाना :

युवाओं में कामुकता और उत्तेजना अधिक होती है, जिस कारण हस्तक्रिया के दौरान वे जोश में आकर अपनेे शिश्न को बेफिजूल आवश्यकता से अधिक दबाव में पकड़ कर, तोड़ने मरोड़ने लगते हैं। इसके पीछे शायद उनकी यही मंशा होती होगी कि ऐसा करने से वीर्य बाहर नहीं निकलेगा और कमजोरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

ऐसा करना किसी भी दशा में सही नहीं है। आपकी यह गलती आपको काफी संकट में डाल सकती है। ऐसा करने से आपके लिंग की मांसपेशियां टूट सकती हैं, जोकि बहुत ही नाजुक होती हैं।

अपनी इसी गलत आदत की वजह से ऐसे लोग अक्सर ‘पायरोनी’ नामक रोग से ग्रस्त हो जाते हैं। पायरोनी नामक रोग में व्यक्ति का लिंग टेढ़ा हो जाता है और अगर एक बार यह रोग हो जाये, तो आप स्वयं ही अंदाजा लगा सकते हैं, कि आपको कितनी परेशानियों से जूझना पड़ सकता है।

5. अवैध रिश्ते की डगर पर चल पड़ना :

जिन व्यक्तियों में हस्तक्रिया की प्रवृत्ति अत्याधिक होती है, ऐसे व्यक्ति की मानसिकता हमेशा सेक्स के इर्द-गिर्द ही घूमती रहती है। हर वक्त उनके दिमाग में केवल सेक्स ही छाया रहता है, जिस कारण वह अपनी इच्छा पूरी न होने पर अवैध रिश्ता कायम करने से भी पीछे नहीं हटते। फिर चाहे वह संबंध अपने ही रिश्तों के दायरे में क्या न हो। ऐसे लोगों की मंशा केवल अपनी प्यास शांत करना ही होता है। फिर जब बाद में उन्हें अपने अपराध का बोध होता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है, इसलिए हस्तक्रिया की आदत या लत व्यक्ति की जिंदगी तबाह भी कर सकती है। इसे छोड़ने में ही भलाई है या फिर बहुत कम करना ही बेहतर होगा।

6. शुक्राणुओं का काम होना :

व्यक्ति का जो वीर्य होता है, उसमें कई लाखों शुक्राणु होते हैं, जो पिता बनने में बहुत मददगार होते हैं, इसलिए वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम न हो, इसका पुरूषों को बहुत ख्याल रखना चाहिए। लेकिन अफसोस, हस्तक्रिया के आदि लोग ऐसा कर पाने में असफल होते हैं। अत्याधिक हस्तक्रिया करने से उनके वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बहुत कम हो जाती है, जो उनके पिता बनने में रूकावट पैदा करने लगती है। ऐसे व्यक्ति का वैवाहिक जीवन भी पिता न बन पाने के कारण बर्बाद हो जाता है, इसलिए इस लत से दूर रहें।

7. सेक्स लाईफ प्रभावित होती है :

छोटी उम्र में ही हस्तक्रिया शुरू कर लेने से युवा होते-होते व्यक्ति इसका इतना आदि हो जाता है कि उसके अंदर सेक्सुअल पेरशानियां आने लगती हैं। जिसमें सबसे मुख्य है शीघ्रपतन। शीघ्रपतन में रोगी संभोग के दौरान बिना स्त्री को संतुष्ट किए कुछ ही पलों में स्खलित हो जाता है, जिससे उसे अपनी स्त्री के सामने शर्मिन्दा होना पड़ता है।

फिर जब अपने वैवाहिक जीवन में ऐसा व्यक्ति अपनी पत्नी को संतुष्ट नहीं कर पाता, तो पत्नी में चिड़चिड़ापन आने लगता है और धीरे-धीरे उनकी सेक्स लाईफ और वैवाहिक जीवन दोनों ही डांवाडोल होने लगते हैं। अतः शीघ्रपतन छोड़ें और खुद को तबाही से बचायें।

8. पाचन तंत्र पर बुरा असर होना :

अच्छे स्वास्थ्य व सेहत के लिए हमारे पाचन तंत्र का दुरूस्त होना अति आवश्यक होता है। पाचन तंत्र हमारे शरीर की वह मशीन होती है जो भोजन में से पोष्ट तत्वों का रस निचोड़ व निकाल कर हमारे शरीर को देती है, जिससे हमारा शरीर ताकवर और स्वस्थ रहता है। पाचन तंत्र खराब हो जाने से व्यक्ति की सेहत निरंतर गिरती रहती है और वह दुबर्ललता का शिकार भी हो सकता है।

9. नपुंसकता का सामना :

एक मर्द के लिए इससे शर्मनाक बात और क्या हो सकती है कि वह केवल नाम का ही मर्द रह जाये। किसी स्त्री के लायक ही न रहे। ऐसी दशा हो जाने पर आप दिमागी रूप से बहुत आहत हो सकते हो। इतना तनाव में आ सकते हो कि शायद जिंदगी से आपका नाता तोड़ने का मन करने लगे, जोकि बहुत ही घातक स्थित हो सकती है।

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होता क्या है कि ऐसे व्यक्ति जो हस्तक्रिया बहुत ज्याद करते हैं, उनके लिंग के ऊतक में चोट पहुंच जाती है और इससे ये ऊतक समाप्त होने लगते हैं। जिससे लिंग में उत्तेजना आना बंद हो जाती है। कई बार तो इससे व्यक्ति को उत्तेजना आना हमेशा के लिए बंद हो जाती है, इसलिए अब यह आपको सुनिश्चित करना है कि आप हस्तक्रिया का रास्ता चुनते हैं या फिर एक अच्छी और खुशहल जिंदगी का।

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