Hastmaithun Ke Nuksan

Hastmaithun Ke Nuksan

हस्तमैथुन के नुकसान

हस्तमैथुन करने के फायदे और नुकसान
हस्तमैथुन(Masturbation)

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हस्तमैथुन की आदत एक ऐसी बुरी आदत है, जोकि युवा उम्र में लगभग-लगभग लग ही जाती है, जिससे हर कोई नहीं बच पाता। यूं तो हस्तचलन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जो जवानी में या फिर बढ़ती उम्र में लोग कर ही लेते हैं। मगर अति हर चीज की बुरी होती है, इसलिए रोजाना और लगातार हस्तमैथुन करना हो सकता है नुकसानदायक। हस्तमैथुन हर व्यक्ति अपने जीवन काल में कभी-न-कभी करता ही है, मगर लोग इसे स्वीकारने से कतराते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो खुलकर स्वीकार करते हैं कि उन्होंने हस्तमैथुन किया है या फिर आज भी मौका मिलने पर हस्तमैथुन करते हैं। मुठकरनी(हस्त से मैथुन करना) से संबंधित कुछ ऐसे तथ्य हैं, जिन्हें आप आसानी से नहीं झुठला सकते।
यदि विशेषज्ञों की मानें तो बहुत आवश्यकता होने पर माह में एक से दो बार हस्तमैथुन करना नुकसानदायक नहीं होता है। हां, मगर प्रतिदिन और असुविधाजनक रूप से हस्तमैथुन करना हानिकारक हो सकता है। इस हिंदी लेख में हम हस्तमैथुन से जुड़े नुकसान और फायदे के विषय में चर्चा कर रहे हैं। लेख पूरा और ध्यानपूर्वक पढ़ें।

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कैसे हो सकता है हस्तमैथुन फायदेमंद?

इस लेख में हम ‘हैंड प्रैक्टिस'(हस्तक्रिया) से होने वाले कुछ फायदों के बारे में बता रहे हैं। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है, कि इस लेख में हम किसी को हस्तमैथुन करने के लिए बाध्य कर रहे हैं। अधिक हस्तमैथुन करने से नुकसान ही होता है शरीर का भी और सेहत का भी।

ये हैं कुछ फायदे..

Hastmaithun Ke Nuksan

1. कुछ पल के लिए शारीरिक और मानसिक आराम मिल जाता है।
2. रात को हस्तमैथुन करने के बाद नींद भी अच्छी आ जाती है, क्योंकि उत्तेजना की आंधी शांत हो चुकी होती है।
3. मानसिक चिंता में कमी आती है और राहत महसूस होती है।

हस्तमैथुन करना क्यों है हानिकारक?

लगातार हस्तमैथुन की आदत से चरमोत्कर्ष के दौरान बहने वाले वीर्य से पूर्व जो तरलनुमा द्रव्य निकलता है, वह लिंग की मांसपेशियों में चला जाता है। परिणामस्वरूप लिंग सूज जाता है और यह सूजन तब तक स्थिर रहती है, जब तक मांसपेशियों में गया द्रव्य पुनः रक्त में प्रविष्ट नहीं हो जाता।
इसके अलावा वीर्य से पूर्व रिसने वाले द्रव्य में प्रोटीन होता है, जो बहुत सी चयापचय मामलों में और सेल संरचनाओं में बहुत जरूरी होता है।

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लिंग की मांसपेशियों का टूटना :

यदि हस्तमैथुन करना ही पड़े तो इस बात का ध्यान रखें कि गलत तरीके से लिंग को कसकर, जकड़ कर, मरोड़ कर या फिर उतावलेपन में हस्तमैथुन न करें। ऐसा करने से लिंग विकार उत्पन्न हो सकते हैं और आप शीघ्रपतन जैसी सेक्स समस्या से भी ग्रसित हो सकते हैं। अनुचित रूप से लगातार लिंग के साथ छेड़खानी करके वीर्य निकालने से ‘पायरोनी’ नामक रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। इस समस्या में लिंग में टेढ़ापन आ जाता है।

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शुक्राणु और संतुष्टि का अभाव :

हस्तमैथुन की लत से सबसे बड़ा होने वाला नुकसान होता है वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाना, इससे पुरूष को भविष्य में पिता बनने में समस्या आने की संभावना बढ़ जाती है।
इसके अतिरिक्त लगातार हस्तमैथुन से होने वाली हानि है सेक्स-संतुष्टि का अभाव हो जाना। दरअसल जब आप लगातार हस्तमैथुन करते हैं, तो धीरे-धीरे आपको स्खलन में देरी होेने लगती है और असंतुष्टि का भाव बढ़ता जाता है।

मनोवैज्ञानिक प्रभाव :

रोजाना और बहुत ज्यादा हस्तमैथुन करने की आदत से व्यक्ति में घबराहट, बेचैनी और न्यरोलाॅजिकल जैसी परेशानियां उत्पन्न होने लगती हैं। व्यक्ति मानसिक दबाव में रहने लगता है। मन में एक अशांति और अपराबोध की स्थिति कायम रहती है। उसे लगता है उसने हस्तमैथुन करके गलत किया। उसे खुद से घृणा होने लगती है। वह खुद से वायदा करता है कि वह आगे से हस्तमैथुन नहीं करेगा। मगर वह उत्तेजित होने पर पुनः हस्तमैथुन करने लगता है और धीरे-धीरे व्यक्ति की मनोदशा ऐसी हो जाती है कि उसके अंदर आत्मविश्वास की कमी होने लगती है। वह सबसे अलग और एकांत में रहना अधिक पसंद करने लगता है।

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अवैध संबंध की राह पर चल पड़ना :

व्यक्ति हस्तमैथुन ही तब करता है, जब उसे संभोग की इच्छा होती है और उसके पास अपनी काम-पिपास को शांत करने का कोई साधन उपलब्ध नहीं होता है। धीरे-धीरे व्यक्ति को बार-बार और लगातार हस्तमैथुन करने लगता है। उसे हस्तमैथुन करने में बहुत आनंद और शांति की अनुभूति होेने लगती है। स्थिति यहां तक पहुंच जाती है कि व्यक्ति की उत्तेजना कई गुना बढ़ जाती है। उसे हर समय संभोग की इच्छा रहती है। कई बार तो उत्तेजना न होने पर भी उसे वीर्य निकालने की धुन सवार रहती है। व्यक्ति अवैध संबंध की राह पर चल पड़ता है। वह पराई औरतों के साथ सम्पर्क रखकर हस्तमैथुन के जुनून को शांत करने की सोचने लगता है। अवैध संबंध, समाज में घृणित दृष्टि से देखा जाता है, इसलिए समाजिक रूप से भी हस्तमैथुन की लत छोड़ना हितकर है।

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